Monday, April 27, 2020

Khuddar

उनको मैं उनसे ही लिख दू इतना उन में उनसा था मैं,
जो वो बोले बस वही करू इतना भी ना उनसा था मैं।

Positive

मुकद्दर में मेरे जो गर लिखा है तुमसे भी बेहतर,
वजह यह भी है हो सकती तुम्हारे दूर जाने की।

Sad

मेरी मंजिल से कह आओ,
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मुसाफिर थक गया है तेरा...!!

Love

Bahut afsos h unse bichad kar aaj jine ka.......
yaki pura h ki wo bhi kahi bechain hi honge.

Ishq

तेरी सूरत को कबका भूल कर बैठा हुआ होता......
तेरी आंखे जो ना कहती, तम्हे हमसे मोहब्बत है ।

Sad

बहुत हिम्मत जुटाई थी इजहार-ऐ-इश्क करने मे.......
थे वो बे खबर इससे झट से इंकार कर बैठे ।

Sad

मोहब्बत भी शियासात की तरह ही हो गयी है अब,
यहाँ भी इश्क तेरे नाम के अब ओट पड़ते  है ।